सर…ये टूर हमें रहेगा उम्रभर याद, पता ही नहीं चला कब बीत गए तीन दिन
मथुरा-वृंदावन-आगरा के शैक्षणिक भ्रमण से लौटे पायोनियर पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने कहा

नाहर टाइम्स@शाजापुर। सर…स्कूल टाइम की यादें हमेशा साथ रहती हैं। दोस्तों के साथ की गई मस्ती और उनके साथ बिताए पल कभी भुलाए नहीं जा सकते। एक साथ इतने धार्मिक और एतिहासिक धरोहरों पर घूमकर उन्हें देखकर पता ही नहीं चला कब तीन दिन बीत गए। सच में ये टूर हमें उम्रभर याद रहेगा।
कुछ इस तरह के शब्दों के साथ पायोनियर पब्लिक स्कूल के बच्चों ने अपने स्कूल संचालक, प्राचार्य और शिक्षक/शिक्षिकाओं को धन्यवाद दिया। जब वे स्कूल के तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण से घूमकर वापस लौटे। संस्था प्राचार्य विमल जैन ने बताया कि विद्यालय प्रभारी श्रीमती अंजू शुक्ला के निर्देशन में स्कूल प्रबंधन विभिन्न कक्षाओं के कुल 45 बच्चों को लेकर मथुरा-वृंदावन -आगरा के शैक्षणिक भ्रमण के लिए गत दिनांक 18 दिसंबर की शाम को शाजापुर से रवाना हुआ था। जिसके बाद तीन दिनों तक उक्त एतिहासिक स्थलों की विभिन्न धार्मिक व दार्शनिक धरोहरों से बच्चों को रुबरु करवाया गया। इस दौरान टूर में शामिल बच्चों को उन स्थानों के प्राचीन, एतिहासिक व धार्मिक महत्व की जानकारियां भी स्थानीय गाइड के माध्यम से दी गई। भ्रमण दल सकुशल यात्रा करके दिनांक 22 दिसंबर को दोपहर में वापस लोटा। इस अवसर पर मुख्य रूप से विद्यालय संचालक मंगल नाहर, किशनलाल विश्वकर्मा, शिक्षक निलेश जोशी, विशाल परिहार, शिक्षिकाएं श्रीमती सारिका भावसार, श्रीमती रोशनी सोनी आंचल शुक्ला, सहयोगी बाबुलाल एवं सीताराम सहित 45 स्कूली बच्चे उत्साह के साथ शामिल हुए।
बच्चों ने किया इन स्थलों का भ्रमण
संस्था प्रभारी श्रीमती अंजू शुक्ला ने बताया कि 18 दिसंबर की शाम को शाजापुर से रवाना होकर अगले दिन 19 दिसंबर की सुबह भ्रमण दल मथुरा पहुंचा। जहां बच्चों ने भगवान श्री कृष्ण की जन्मभूमि के दर्शन किए और वहां के महत्व को जाना। इसके बाद शाम को वृंदावन पहुंचकर सभी ने विश्व प्रसिद्ध प्रेम मंदिर के दर्शन किए। अगले दिन 20 दिसंबर सुबह धार्मिक धरोहर श्रीबांके बिहारी मंदिर, प्राचीन श्रीरंगनाथ मंदिर, श्री गोविंद राय मंदिर, निधिवन, यमुनाजी, चारधाम मंदिर एवं इस्कान मंदिर के दर्शन किए। अगले दिन 21 दिसंबर को भ्रमण दल आगरा पहुंचा और यहां ताजमहल तथा आगरा के किले का भ्रमण करते हुए बच्चे विभिन्न एतिहासिक घटनाओं और जानकारियों से अवगत हुए। रात को आगरा से रवाना होकर अगले दिन 22 दिसंबर दोपहर को भ्रमण दल शाजापुर पहुंचा। इस यात्रा को सभी बच्चों ने यादगार बताया।










