पूज्य गच्छाधिपतिश्री मणिप्रभसागरजी का सूरि मंत्र की पीठिका में हुआ प्रवेश
12 अक्टूबर को महामांगलिक के साथ होगा समापन

नाहर टाइम्स@बाढ़मेर। परम पूज्य गुरुदेव प्रज्ञापुरुष आचार्य भगवंत श्री जिनकान्तिसागर सूरीश्वरजी म.सा. के परम शिष्य पूज्य गुरुदेव अवंती तीर्थोद्धारक युग दिवाकर खरतरगच्छाधधिपति आचार्य भगवंत श्री जिनमणिप्रभ सूरीश्वरजी म.सा. ने दिनांक 18 सितम्बर को सूरि मंत्र पीठिका साधना के तीसरे चक्र में सूरि मंत्र की तीसरी पीठिका उपविद्या – महालक्ष्मी साधना में मंगल प्रवेश किया।
25 दिवसीय इस पीठिका का समापन आगामी 12 अक्टूबर को महामांगलिक के साथ होगा। पीठिका का मुख्य लाभ कान्तिमणि भक्त परिवार बाडमेर ने लिया है। कुशल वाटिका के परम पवित्र शान्त वातावरण में यह पीठिका हो रही है। उल्लेखनीय है कि पूज्यश्री शहर से विहार कर कुशल वाटिका पधारे। जहां दिनांक 18 सितंबर को प्रातः मंगल मुहूर्त्त में पूज्यगणि श्री मयंकप्रभसागरजी म.सा. आदि ठाणा तथा पूजनीया बहिन म.सा. डॉ. श्री विद्युत्प्रभाश्रीजी म.सा. आदि ठाणा व सकल श्री संघ के साथ श्री मुनिसुव्रतस्वामी जिनमंदिर पधारे। मंदिर में ही सूरिमंत्र से अभिमंत्रित वासचूर्ण से कुंभ भरा गया। मंत्रोच्चारण के साथ दीप ज्योति प्रज्ज्वलित की गई। इसके साथ ही श्री गौतमस्वामी, दादा गुरुदेव, पूज्य गुरुदेव आचार्य श्री जिनकान्तिसागरसूरिजी आदि के दर्शन कर पूज्यश्री सकल संघ के साथ पीठिका भवन पधारे। यहां विधि-विधान पूर्वक कुंभस्थापना, दीपस्थापना के पश्चात् क्षेत्रपाल स्थापना, भैरव स्थापना, गुरु पादुका स्थापना, नवग्रह पूजन, दशदिक्पाल पूजन, अष्ट मंगल पूजन आदि अनुष्ठानों के पश्चात् सूरत से पधारे परमात्मा को गादीनशीन किया गया। इस दौरान स्फटिक आदि अनेक रत्नमयी प्रतिमाओं से पूरा हॉल जगमगा रहा था। पूज्यश्री के शिष्य पूज्य मुनि श्री मयूखप्रभसागरजी म.सा. ने लगातार 15 दिनों के परिश्रमपूर्ण मार्गदर्शन में इस पीठिका भवन को सजाया था। चारों ओर श्री सिद्धाचल, पावापुरी, गिरनार, जहाज मंदिर, गज मंदिर विशिष्ट तीर्थों की विशाल पेंटिंग से पूरा हॉल सुसज्जित था। जिसमें प्रवेश करते ही परमात्मा के पंचकल्याणकों की रेडियम रंगोली सभी को मंत्र मुग्ध कर रही थी। इसमें भी श्री गुणायाजी तीर्थ के निर्माणाधीन मंदिर की रंगोली बहुत ही आकर्षक बनी थी। विधिविधान की पूर्णता के पश्चात् पूज्यश्री अभिमंत्रित सिंहासन पर बिराजे। लाभार्थी परिवारों ने पूज्यश्री को मंगल तिलक किया। मुनि मंडल व साध्वी मंडल ने शुभकामनाएं दी। पीठिका के इन पवित्र दिनों में मुकेश प्रजापत परमात्मा की प्रतिदिन पूजा, सेवा, आरती आदि विधान की व्यवस्था संभालेंगे। इस अवसर पर पूर्व विधायक मेवारामजी जैन, संघ अध्यक्ष अशोककुमार धारीवाल, नाकोडा उपाध्यक्ष लूणकरणजी बोथरा, केयुप के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रदीप श्रीश्रीश्रीमाल सहित सैंकडों गुरुभक्त उपस्थित रहे।



