दलगी दंपत्ति ने सिखाया…जीना इसी का नाम है…!!
स्वयं दृष्टिहीन होकर दूसरों के लिए सहारा बनी पद्मश्री श्रीमती मुक्ता बेन दलगी

नाहर टाइम्स@मंगल नाहर (शाजापुर)। स्वयं दृष्टिहीन होकर भी पद्मश्री श्रीमती मुक्ता बेन एवं पंकजभाई दलगी द्वारा गुजरात प्रांत के सुरेन्द्र नगर, मोरवी, उमरगांव और अहमदाबाद में विभिन्न दृष्टिहीन बंधु-बांधवों के लिये सेवा का अद्भुत महायज्ञ किया जा रहा है। रक्षाबंधन पर्व पर शाजापुर नगर आगमन के दौरान स्थानीय लालघाटी स्थित बाल योगी बापू जी के पावन सान्निध्य में उनसे हुई मुलाकात जीवन के लिए प्रेरणादायी सीख साबित हुई।
यह कहना है नगर के संजय बोराड़े का। जिन्होंने अपने जीवन को सेवा का पर्याय बनाने वाले दलगी दंपत्ति से हुई मुलाकात पर उनके सेवा कार्यों के संबंध में प्राप्त जानकारी खबर के माध्यम से साझा की। श्री बोराडे़ ने बताया कि गुजरात में प्रज्ञाचक्षु महिला सेवाकुंज बहुत ही प्रतिष्ठित सेवा केंद्र हैं। जिसे पद्मश्री मुक्ताबेन और पंकज भाई ने स्वयं दृष्टिहीन होकर दूसरे ऐसे ही दिव्यांगजनों के जीवन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से प्रारंभ किया है। इस सेवा केन्द्र के माध्यम से वे ना केवल विगत कई दशकों से हिंदू समाज के दृष्टिहीन बालक और बालिकाओं को शिक्षा-दीक्षा, आजीविका, समाज सहयोग से विवाह और आवास उपलब्ध कराने का प्रकल्प संचालित कर रहे हैं बल्कि शिक्षा, कला, खेल, गृह विज्ञान, आधुनिक तकनीक, सिलाई आदि के माध्यम से उन्हें आत्मनिर्भर बनाने का कार्य भी निरंतर करतें आ रहें हैं। इसी उत्कृष्ट सेवा को उच्च मानक प्रदान करते हुए वर्ष 2019 में तत्कालीन राष्ट्रपति श्रीरामदास कोविंद ने मुक्ता बेन को प्रतिष्ठित राष्ट्रीय पुरस्कार “पद्मश्री” से भी सम्मानित किया है। बोराड़े ने बताया कि रक्षाबंधन जैसे विशिष्ट दिवस पर अपने शाजापुर अल्प प्रवास के दौरान ना केवल हमें मुक्ता बेन जैसी सेवाकुंज पद्मश्री बहिन प्राप्त हुई अपितु बालयोगी बापू जी के सानिध्य में पर्व मनाने का शुभअवसर भी प्राप्त हुआ। इस मौके पर स्थानीय लालघाटी स्थित वृद्धाश्रम में पद्मश्री मुक्ताबेन और पंकजभाई दलगी ने रक्षाबंधन पर अपना सेवा संदेश वृद्धजनों को दिया तथा उपस्थित वृद्धजनों को राखी बांधकर पर्व भी मनाया। इसके साथ ही वृद्धाश्रम के प्रमुख कक्षों मे जाकर अनुभूति भी ग्रहण की। अवसर स्नेह – आनंद का था तो भजन भाव भी हुआ। इस मौके पर मुख्य रूप से सर्वश्री कन्हैयालाल आडवानी, जगदीश शर्मा, मंगलसिंह जी, आचार्य हेमराज सिंह, राजेन्द्रसिंह दरबार, अध्ययन भोंसले, आदित्य बोराड़े, सुश्री रश्मि शर्मा सहित जिला समन्वयक लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग शाजापुर आदि गणमान्य जन उपस्थित रहे। उक्त कार्यक्रम के सूत्रधार आयोजक और संचालक संजय बोराड़े रहे।




